छत्तीसगढ़

रायपुर के फूडहर गौठान में बदहाल गोवंश

Shantanu Roy
23 Aug 2026 11:35 PM IST
रायपुर के फूडहर गौठान में बदहाल गोवंश
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Raipur. रायपुर। राजधानी रायपुर के फूडहर स्थित गौठान में गोवंश की कथित बदहाल स्थिति को लेकर सवाल उठने लगे हैं। गौठान में गोवंश के तड़पने और एक गोवंश की मौत की जानकारी सामने आने के बाद यहां की व्यवस्थाओं को लेकर राजनीतिक स्तर पर भी सवाल खड़े किए जा रहे हैं। रायपुर नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी ने गौठान की स्थिति को लेकर जिम्मेदार अधिकारियों से जवाब मांगा है। जानकारी के अनुसार फूडहर स्थित गौठान की निर्धारित क्षमता करीब 260 गोवंश रखने की बताई जा रही है, लेकिन दावा किया गया है कि वर्तमान में यहां 600 से अधिक गोवंश रखे गए हैं। यानी निर्धारित क्षमता से दोगुने से भी अधिक पशु गौठान में मौजूद हैं। इसके कारण पशुओं के लिए पर्याप्त जगह, चारा, पानी और देखभाल की व्यवस्था प्रभावित होने की बात कही जा रही है।
गौठान में क्षमता से अधिक गोवंश रखे जाने के कारण पशुओं को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बड़ी संख्या में पशु एक ही परिसर में होने के चलते उनके रखरखाव और नियमित स्वास्थ्य जांच को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। इसी बीच एक गोवंश की मौत की जानकारी सामने आने के बाद मामला और गंभीर हो गया है। मामले में रायपुर नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी ने गौठान की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने जिम्मेदारों से यह स्पष्ट करने की मांग की है कि जब गौठान की क्षमता करीब 260 पशुओं की है, तो वहां 600 से अधिक गोवंश को किस व्यवस्था के तहत रखा जा रहा है।
इसके साथ ही गौठान संचालक को लंबे समय से भुगतान नहीं किए जाने का दावा भी सामने आया है। बताया जा रहा है कि संचालक को पिछले करीब नौ महीने से भुगतान नहीं मिला है। ऐसे में पशुओं के लिए नियमित रूप से चारा और अन्य जरूरी संसाधन जुटाने में परेशानी होने की बात कही जा रही है। यदि गौठान संचालन के लिए निर्धारित राशि का भुगतान समय पर नहीं हो रहा है तो इसका सीधा असर पशुओं की देखभाल पर पड़ने की आशंका है। सैकड़ों गोवंश के लिए प्रतिदिन बड़ी मात्रा में चारे और पानी की आवश्यकता होती है। इसके अलावा बीमार या घायल पशुओं के उपचार के लिए भी पर्याप्त चिकित्सा व्यवस्था जरूरी है।
फूडहर गौठान की स्थिति सामने आने के बाद अब इस बात पर भी सवाल उठ रहे हैं कि क्षमता से अधिक गोवंश को यहां क्यों रखा गया और अतिरिक्त पशुओं के लिए वैकल्पिक व्यवस्था क्यों नहीं की गई। वहीं, एक गोवंश की मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसकी भी जांच की मांग उठ सकती है। गौठान में मौजूद गोवंश की नियमित स्वास्थ्य जांच, पर्याप्त चारा, साफ पानी और सुरक्षित स्थान उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी संबंधित व्यवस्था से जुड़े अधिकारियों और संचालकों की है। ऐसे में मौजूदा हालात को लेकर प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की अपेक्षा की जा रही है। फिलहाल सामने आए दावों पर संबंधित विभाग या नगर निगम प्रशासन की विस्तृत प्रतिक्रिया का इंतजार है। प्रशासनिक पक्ष सामने आने के बाद ही गौठान की वास्तविक क्षमता, वर्तमान गोवंश संख्या, संचालक के लंबित भुगतान और पशु की मौत से जुड़े तथ्यों की स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।
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